Dec 1, 2017

रक्षा मंत्रालय का दिव्यांग पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं और शहीदों के बच्चों के कल्याण के लिए योगदान में जनता को प्रोत्साहित करने हेतु सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाने का विशेष अभियान।

1949 से शहीदों और देश के सम्मान की रक्षा के लिए हमारी सीमाओं पर लडने वाले सैनिकों के सम्मान हेतु पूरे देश में हर साल 7 दिसम्बर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है। ऐसे दिव्यांग पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं, शहीदों के बच्चों और अन्य ऐसे लाभार्थियों को मदद करने के लिए सशस्त्र बल झंडा दिवस कोष की स्थापना 1993 में की गई थी जिन्हें हमारी देखभाल और सहायता की आवश्यकता है।

इस साल रक्षा मंत्रालय 1 से 7 दिसंबर 2017 तक डिजिटल सप्ताह अभियान का आयोजन कर रहा है जिसे सशस्त्र बल सप्ताह के रूप में मनाया जाएगा। यह अभियान पूरे देश की सशस्त्र बल कार्मिकों के साथ एकजुटता व्यक्त करने रूप में मनाया जाएगा।

इस अभियान का उद्देश्य 'सशस्त्र बल झंडा दिवस कोष' के बारे में जागरुकता पैदा करने और लोगों को उदारतापूर्वक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके लिए कई कैशलेस भुगतान विधियां उपलब्ध कराई गई हैं। आप अपना योगदान पेटीएम नंबर '8800462175' और यूपीआई कोड armedforcesflagdayfund@sbi के माध्यम से भेज सकते हैं। इसके अलावा क्रेडिट / डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग द्वारा योगदान करने हेतु ksb.gov.in/armed-forces-flag-day-fund.htm पर लॉग इन करें।

1 से 7 दिसंबर 2017 तक तीन सेवाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले झंडो को अपनी वेशभूषा पर धारण कर गर्व की भावना प्रदर्शित कर सकते हैं। यह झंडे सभी सरकारी कार्यालयों में उपलब्ध हैं तथा वैकल्पिक रूप से, आप ksb.gov.in से झंडे का प्रिंट डाउनलोड कर सकते हैं।

यह अभियान पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण देश का समर्थन सुनिश्चित करने के लिए है। यह रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का उद्देश्य है जिसे उन्होंने रक्षा मंत्रालय का कार्य भार ग्रहण करने के तुरंत बाद निश्चित किया था।

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